ज्योतिष शब्द से ही मानव मस्तिष्क में अपने उज्जवल भविष्य के प्रति आस्था और विश्वास जागृत होने लगता हैं। ज्योतिष यदि विश्वसनीयता का नाम है तो ज्योतिष कर्म एक जिम्मेदारी हैं। जिसका निर्वहन ज्योतिष का अध्ययन करने वाले ज्योतिषी को बहुत ही सतर्कतापूर्वक करना चाहिए। ताकि ज्योतिष के यथार्थ परिणाम सामने आएं और ज्योतिष पर लोगों का विश्वास यथावत बना रहे , जैसा की पूर्वकाल से चला आ रहा हैं। इस मायने में ज्योतिष जानने वालो को ही ज्योतिष के क्षेत्र में किसी तरह के गणित व भविष्यवाणी की उद्घोषणा करनी चाहिए। इसके लिए जो चतुर ज्योतिषी होते हैं वे अनुसन्धान किये बिना ज्योतिष की कोई भी जानकारी उद्घाटित नहीं करते। जिस तरह से विज्ञान के क्षेत्र में एक सिद्धांत और फिर उसका प्रयोग और फिर परिणाम की सार्थकता पर ही उद्घोषणा की जाती है, ठीक उसी तरह ज्योतिष में भी जितने भी जन्मांक चक्र हो, वैवाहिक कुंडली मिलान हो या फिर ग्रह नक्षत्रों का इधर-उधर होना। इसके लिए केवल अध्ययन ही काफी नहीं बल्कि अनुसन्धान भी जरुरी हैं। लेकिन आज के दौर में यह कहते हुए शायद अनर्गल नहीं लगेगा कि ज्योतिष में अब अनुसन्धान काम ही हो पा रहा है और अच्छे ज्योतिषियों की संख्या भी काम हो गयी हैं। फिर भी ज्योतिष का व्यापारीकरण जरूर हुआ हैं और इसमें ज्योतिष देखने की पद्धति भी ठीक वैसी ही दिखाई देती हैं जैसे एक डॉक्टर मरीज द्वारा निर्धारित फीस जमा करने के बाद उसके स्वस्थ्य की जांच व इलाज करता हैं। यह ज्योतिष के क्षेत्र में विश्वसनीयता को कम करने वाला घातक कदम दिखायी देता हैं। शायद इसी बात की चिंता करते हुए भोपाल के नेहरू नगर क्षेत्र में ज्योतिष मठ संस्थान की स्थापना की गई है।

देश के प्रख्यात ज्योतिषी पं. अयोध्या प्रसाद गौतम द्वारा स्थापित एवं ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम द्वारा संचालित इस अनुसन्धान केंद्र में ज्योतिष सम्बन्धी सभी विधाओं पर अनुसन्धान जारी हैं। ज्योतिष में रूचि रखने वाले नवोदित छात्र भी ज्योतिषीय ज्ञान व शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ज्योतिष मठ में जन्म कुंडली के आधार पर ज्योतिष मिलान तो किया ही जाता है साथ ही विद्धान पंडितों द्वारा ग्रह शांति निमितार्थ पूजन – अनुष्ठान भी होते हैं। इस तरह के अनुष्ठान जीवन के किसी विशेष क्षेत्र में उन्नति व सुख – सम्पदा, संतति साथ राजसत्ता प्राप्ति के लिए भी संपन्न कराये जाते हैं। शनि, राहु, मंगल, सूर्य आदि क्रूर ग्रहों की दशा शांति के निमित्त भी ज्योतिष मठ में पूजन विधान व अनुष्ठान किये जा रहे हैं। जन्म कुंडली, लग्न पत्रिका, विवाह मिलान आदि कार्य भी उत्कृष्ठतापूर्वक होते हैं। इस तरह ज्योतिष कार्य के अलावा हस्तरेखा व वास्तु आदि पर भी विस्तृत अनुसन्धान किये जाते हैं। इस मठ संस्थान में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी से लेकर कई राजनेताओं, साहित्यकारों, बड़े प्रशंसकों के अलावा कुख्यात दस्यु, अपराधी व अन्य ऐसे लोगों के हस्त छापा भी संग्रहित हैं जो किसी क्षेत्र विशेष में अपनी कला कौशल या क्रूरता के लिए ख्यात-कुख्यात रहे हैं। ज्योतिष मठ में सैकड़ों वर्ष पुराने कैलेण्डर व पंचांग आदि भी संग्रहित हैं। इसके अलावा गृह शांति पूजन-अनुष्ठान में उपयोग आने वाले सैकड़ों वर्ष पुराने सुरवा थाल, पंच पात्र आदि उपलब्ध हैं जिनका उपयोग गृह शांति आदि अनुष्ठान में होता है।

Pt. Ayodhya Prasad Gautam
दुनिया जानती है की पन्ना की पावन भूमि में हीरा मिलते हैं । बस फर्क इतना है की कोई हीरा कंकड़ है तो कोई कला कौशल और ज्ञान से परिपूर्ण व्यक्ति । इन्ही में से एक है प्रदेश के गौरव और देश के प्रख्यात ज्योतिष पं. अयोध्या प्रसाद गौतम । सचमुच में आप पन्ना के ही असली हीरे हैं । जो प्राचीन ज्योतिष के ज्ञाता पंडित रामरूपजी गौतम के घर-आंगन में वता श्रीमती रामसखी गौतम की पवित्र कोख से जन्मे और ज्योतिष की ज्योति जलाकर समूचे मानव समाज को जागृत कर दिया । लगभग 80 वर्षीय वय के बावजूद भी सदैव स्वस्थ और तंदुरुस्त दिखने वाले पंडित गौतम का ज्योतिषीय ज्ञान अदभुत है।

आपने अपने बचपन में स्कूली शिक्षा तो ग्रहण की में बनारस जाकर ज्योतिष तंत्र का गहन ज्ञान भी प्राप्त किया । इसके अलावा कर्म-कांड में भी आपने गहरी रूचि से अध्ययन कर सनातन धर्मावलंबियो का भला किया । आप अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद, ज्योतिष तंत्र महासंघ से लेकर अनेक ज्योतिष, धार्मिक व सामाजिकों संगठनों के शीर्ष पदों पर शोभा बढ़ाते रहे हैं और आज भी आपकी लोकप्रियता काम नहीं हुई है । शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरवस्ती द्वारा तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी की विशेष उपस्तिथि में आप ज्योतिष मार्तण्ड की उपाधि से विभूषित हो चुके हैं । ज्योतिष ज्ञान में आपकी चर्चा एक चमत्कारी संत के रूप में होती है । इस तरह की बातें आम और साधारण से लेकर विशेष लोग भी करते देखे जाते हैं । ज्योतिष सन्दर्भ में आपकी राय जानने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति भैरवसिंग शेखावत से लेकर कई राजनितिक व न्याय क्षेत्र से जुड़ी विभूतियां आपके पास आती रही हैं और आज भी यह क्रम जारी है । यही नहीं देश क अलावा विदेशी मूल के लोग भी आपकी ज्योतिष से प्रभावित हैं और आपसे ज्योतिषीय राय लेने भारत आते हैं । इसी तरह की ज्योतिषीय उपलब्धियों के चलते आपके जीवनकाल से जुड़े हुए हजारों जातकों की विशेष इच्छा पर आपने ज्योतिष मठ संस्थान की स्थापना की है ।

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